Tuesday, 13 December 2011

तेरे रास्तों का मैं रहगुजर

मेरे साथ तेरा वजूद है
या तेरे वजूद का मैं हमसफर
मेरे राह में तेरा साथ है
या तेरे रास्तों का मैं रहगुजर

मैं सोचता हूं तुम कौंन हो
खामोश इतना मौन हो
अस्तित्व हर पल तेरा भी है
फिर...
मेरे मैं ही है क्यूं तेरा ये घर

पथ हो या हो पगडंडियां
निशा चांदनी या रौशन सुबह
हर पल मेरे 'मैं' में हो
या मैं हूं तेरा दिल जिगर

मेरे साथ ही जन्में हो तुम
मेरे साथ ही तेरा अन्त है
पर अंधेरे पल में तुम
छुप जाते हो जाने कहां
मेरे लौटने की उम्मीद हो
या उम्मीद का हो कारवां



मेरे साथ तेरा वजूद है
या तेरे वजूद का मैं हमसफर
मेरे राह में तेरा साथ है
या तेरे रास्तों का मैं रहगुजर

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