Tuesday, 4 February 2014

हरियाणा कांग्रेस में हलचल



पहले फूट अब मोहभंगदरअसल हरियाणा कांग्रेस में पहले मनमुटाव का दौड़ चलता है, और अब पार्टी से कांग्रेस नेताओं का मोहभंग होना शुरू हो गया है, और इस कड़ी में कई बड़े नेता कांग्रेस का दामन छोड़ चुके हैं । लोकसभा चुनाव की तैयारियों में सभी पार्टियां जोर-शोर से जुट गई हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए मुश्किलें थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं । पहले तो पार्टी के नेताओं में मनमुटाव सामने आता है, और अब स्थिती यहां तक पहुंच गई है कि पार्टी के बड़े नेताओं का अब पार्टी से ही मोहभंग होने लगा है ।
                      राव इंद्रजीत सिंह, अतर सिंह सैनी, मांगेराम गुप्ता, शांति राठी, हरि सिंह और अब सुभाष बत्रा, ये कांग्रेस के उन नेताओं की फेहरिस्त है, जिनका कांग्रेस से मोहभंग हो गया है । कभी कांग्रेस पार्टी के लिए जीत का मुकद्दर बने इन नेताओं ने कांग्रेस की नींव हिला कर रख दी है । दक्षिण हरियाणा में राव इंद्रजीत का बोलबाला है, तो रोहतक के पंजाबी बाहुल्य वोटरों पर सुभाष बत्रा की पकड़ है, लेकिन कांग्रेस में चल रहे मनमुटाव अब खुलकर सामने आने लगे हैं । मुख्यमंत्री हुड्डा-सैलजा प्रकरण के बाद पार्टी ने जरूर इसपर नकेल कसनी चाही लेकिन सुभाष बत्रा तो खुलकर कांग्रेस से मोहभंग होने की बात कह रहे हैं और 2 मार्च को पार्टी छोड़ने का एलान भी कर दिए हैं ।   

दरअसल आजकल कांग्रेस के विज्ञापन में राहुल गांधी राजनीति नहीं काजनीति की बात कहते नज़र आ रहे हैं, लेकिन हरियाणा कांग्रेस में तो मनमुटाव, मोहभंग और फूट की राजनीति को साफ तौर पर देखा जा सकता है । बहरहाल कांग्रेस को राजनीति और काजनीति के अंतर को पाटने से ज्यादा फूटनीति पर लगाम लगाने की जरूरत है ।

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