वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
सुबह ओस की तरह तुम्हें भीगा सकूं
शाम जुगनूओं सी तुम में सजा करूं
मेरे यार, दोस्त, मेरा शहर, जहां
मेरी आरजू, मेरी इंतहां
इन्हें नाज है तुमपे उस ताज सा
जो महल है मोहब्बत की निशां
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
वो जो जुल्फे रेशम तुझे रौशन करे
मैं घटा बनकर उसे बिगाड़ दूं
तू लड़ा करे अपने हुस्न से
मैं आइना बनकर तुझे सवार दूं
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करुं
कुछ ख्वाब अहसासों की हो
कोई लब्ज तेरा बन सकूं
वो जो गीत तेरे ओठों पर हो
वो मैं लिखूं, उसे मैं सुनूं
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनु, मैं दुआ करूं
वो जो चहक उठना तेरा अंजुमन
वो पल बनूं, तुझपे फना करूं
वो कहीं दूर दरिया के साथ यूं
हाथों में हाथ लेकर चला करूं
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
वो जो दिल तेरा, तेरे पास है
वो दिल बनूं, उस दिल में समा सकूं
तू यकीन कर मेरे इश्क पर
मैं रौशन सुबह तुझे दिखा सकूं
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
वो जो मानती जिसे रब है तू
वो शिला बनूं, तुझे पास अपने बुला सकूं
ये दिल के मजहब का सवाल है
तू कबूल कर, मैं दुनिया को बता सकूं
वो जो फूल तितली परी रंग है
सबसे कहूं तुमसे हया करे
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
सुबह ओस की तरह तुम्हें भीगा सकूं
शाम जुगनूओं सी तुम में सजा करूं
मेरे यार, दोस्त, मेरा शहर, जहां
मेरी आरजू, मेरी इंतहां
इन्हें नाज है तुमपे उस ताज सा
जो महल है मोहब्बत की निशां
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
वो जो जुल्फे रेशम तुझे रौशन करे
मैं घटा बनकर उसे बिगाड़ दूं
तू लड़ा करे अपने हुस्न से
मैं आइना बनकर तुझे सवार दूं
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करुं
कुछ ख्वाब अहसासों की हो
कोई लब्ज तेरा बन सकूं
वो जो गीत तेरे ओठों पर हो
वो मैं लिखूं, उसे मैं सुनूं
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनु, मैं दुआ करूं
वो जो चहक उठना तेरा अंजुमन
वो पल बनूं, तुझपे फना करूं
वो कहीं दूर दरिया के साथ यूं
हाथों में हाथ लेकर चला करूं
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
वो जो दिल तेरा, तेरे पास है
वो दिल बनूं, उस दिल में समा सकूं
तू यकीन कर मेरे इश्क पर
मैं रौशन सुबह तुझे दिखा सकूं
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
वो जो मानती जिसे रब है तू
वो शिला बनूं, तुझे पास अपने बुला सकूं
ये दिल के मजहब का सवाल है
तू कबूल कर, मैं दुनिया को बता सकूं
वो जो फूल तितली परी रंग है
सबसे कहूं तुमसे हया करे
वो जो चूमती तेरे लब को जो
वो हवा बनूं, मैं दुआ करूं
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